Wednesday, November 3, 2010

[rti_india] "सच बोलनेकी सजा HPCL रवि श्रीवास्तव को मिली - २०० करोड़ का घोटाला" - "सच जानने की सजा Death for Two Indian Oil Officers? - Culprit Dr Manmohan Singh?

 

Dear Dr Manmohan Singh,


Wish you Happy Diwali and Prosperous New Year to you and your family !

"सच बोलनेकी सजा - Loss of Job for Mr Ashok Singh & Mr RP Srivastava of HPCL who are still not re-instated?

सच जानने की सजा - Cold Blooded Murder of Mr SK Saroha and Mr Ranvidra Kumar whose widows crying since last one year?

Because you want to indulge in and knowingly allow fuel adulteration, environmental pollution and regular recurring corruption?

Dr Manmohan Singh - Please go at the earliest & enjoy teaching rather then maintaining shameless silence at corruption, adulteration & pollution - "Can you give the Nation one plausible reason for not increasing the price of Kerosene?


Media News : Chairman IOC,केंद्र और राज्य सरकारसे जवाब माँगा http://digitalimages.bhaskar.com/dainikrajasthan/EpaperPdf/03112010/2cit-pg9-0.pdf

Why are criminal Board of Directors of IOC still roaming free while one small fish is in jail?

How many lives do you want to ruin for corruption to continue?

Regards,

-- 
(Babubhai Vaghela)
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AAWAZ
• सच बोलने की सजा रवि श्रीवास्तव को मिली - २०० करोड़ का घोटाला   सोनिया गाँधी की सभा के लिए हो रही है पठानी वसूली |"   राहुल गाँधी याने .. सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली |   गाँधीजी - आओ जाने गाँधीजी की बंद किताब की बातें { जो दुर्लभ है }   १५२८ से ३० सप्टेबर २०१० का इतिहास - बाबरी मस्जिद,रामजन्म भूमि |   राम रहीम सट्टा बाज़ार में - अयोध्या फैसला |   "खेल जगत के माफिया "- सुरेश कलमाड़ी   खर्चे का हिसाब..जनता की अदालत में पेश करती हुई सरकार याने राजकोट महानगरपालिका |   भारतीय रेलवे अब बन गई है " यमदूत " |   TEZ NEWS में छा गई मेरी पोस्ट आपने पढ़ी क्या ?   ६० साल बाद ६५% मुस्लिम भाईयों ने दिया मोदी को समर्थन...कांग्रेस हारी |   " कामसूत्र और इन्टरनेट "   "बूंद बारिश की याद कुछ दिला गई "   "इसकी आँखों पर से पट्टी उतारनी है ..कोशिश तो करो |"   "इंडिया" में "इंडियन" कोई ना मिला |"    Powered By Tech Vyom

Thursday, October 28, 2010

सच बोलने की सजा रवि श्रीवास्तव को मिली - २०० करोड़ का घोटाला

                                                  " H.P.C.L " में २०० करोड़ का घोटाला "
   
          " सच बोलना मना है ,सच बोलने की आपको बहुत ही बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है इस देश में ..और भ्रस्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाना तो इस देश में बहुत ही बड़ा जुर्म माना जाता है और ये जुर्म कर बैठे थेH.P.C.L के रवि श्रीवास्तव ,जिनको बहुत ही बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है |"

                                    "श्री रवि श्रीवास्तव को निकला गया नोकरी से "

             आइये जानते है की २०० करोड़ का घोटाला क्या था और कैसे हुवा ?

            * २०० करोड़ के " मार्कर " घोटाले के खिलाफ आवाज़ उठानेवाले रवि श्रीवास्तव "H.P.C.L " कंपनी में "सिनिअर ऑफिसर  मेनेजर " के पद पर कार्य कर रहे थे |देश भर में हो रही तेल मिलावट रोकने के लिए " मार्कर " का इस्तेमाल किया जाता है ..और इस " मार्कर " का ठेका दिया गया था " औथेंटिकस"  नामकी एक विदेशी कंपनी को मग़र हैरतअंगेज बात ये है की अगर सरकार को २ रुपये वाला बोलपेन खरीदना हो तो भी उसका टेंडर याने ठेका दिया जाता है मग़र यहाँ २०० करोड़ का ठेका दिया गया बिना कोई टेंडर के और ये ठेका दिया गया था भारतीय एजंट " s .g .s " द्वारा ..बिना टेंडर के इस ठेके के खिलाफ जब "रवि श्रीवास्तव" और उनके सहयोगी "अशोक सिंह "द्वारा आवाज़ उठाई गई तब से सुरु हुवा परेशानियों का दौर सच्चाई के इन पुजारियों के लिए |"

             * बाज़ार में हो रहे तेल मिलावट को रोकने के लिए सरकार ने "s.g.s " द्वारा " औथेंटिक्स" को दिया ठेका २०० करोड़ का मग़र " R.T.I " को  IOC और दूसरी और एक तेल कंपनी से पता चला की "SGS " लोगो को हमदर्दी दिखाकर गुमराह कर रही है |"

              * १२ मई २००८ के दिन रवि श्रीवास्तव और अशोक सिंह ने " रीजीनल डायरेकटर ऑफ़ सीबीआई " को लिखित शिकायत  दर्ज की मग़र जैसे ही सिकायत दर्ज करवाई "रवि श्रीवास्तव" और उनके सहयोगी "अशोक सिंह" को मिलने लगी धमकियाँ ..यही काफी नहीं था की " अशोक सिंह को शिकायत दर्ज करवाने के ४ दिन में ही नौकरी से निकला गया और " रवि श्रीवास्तव " को दी गई २ चार्जशीट ..रवि श्रीवास्तव के खिलाफ यही से सुरु हुवा बुरा सलूक , सबसे पहले तो उनके आसीसटेंट को हटा दिया गया फिर ये कम था की सच्चाई के इस पुजारी को भरे बारिश में घर से बहार निकाला गया ..फ़ोन पर मिलती धमकियाँ और लगातार परेशानी के साथ घर से बाहर |"

                * आपकी शिकायत सामान्य है हम आपको मदद नहीं कर सकते |
                            
                              " जब रवि श्रीवास्तव ने तंग आकर " CBC " को ६ जून ,२१ और २२ जुलाई को पत्र लिखकर हर घटना के बारे में तथा उनको मिलती धमकियों के बारे में जानकारी देकर जब सुरक्षा मांगी तब देश की सबसे अहेम "CBC " ने सच्चाई के इस पुजारी को साथ नहीं दिया और उप्पर से कहा की " आपकी शिकायत सामान्य है हम आपको मदद नहीं कर सकते ". ,,२०० करोड़ के घोटाले को शायद भ्रस्टाचारी लोग सामान्य समजते होंगे मग़र शायद देश की जनता और रवि श्रीवास्तव जैसे सच्चाई के पुजारी नहीं |" 

         * आइये जाने " मार्कर " का इस्तेमाल और " मार्कर " क्या है ?

                         " सरकार की अपनी एजेंसी "N.C.E.R " ने पाया की  ३८.६ % केरोसिन तेल मिलावट के लिए इस्तेमाल किया जाता है तो उन्हें ,ऐसे मिलावट मिलावटखोरों को पकड़ने के लिए " मार्कर " का इस्तेमाल करना पड़ता है " मार्कर " को केरोसिन में मिलाया  जाता है सरकारी डेपो में और अगर कोई पेट्रोलपम्प वाले इस केरोसिन को पेट्रोल या डीज़ल  में मिलाते है और सरकारी अधिकारियों के दस्ते को पम्प पर तेल में " मार्कर " का प्रमाण मिलता है तो उस के खिलाफ कार्यवाही की जाती है और प्रमाणित होता है की,ये मिलावटखोर है |"
                          " १६ जून ०८ को मुंबई में एक जनहित याचिका दाखल की गई थी जिसकी सुनवाई २३ अक्टूबर ०८ को हुई थी और अदालत ने "सीबीआई " को जाँच के आदेश दिए थे और "सीबीआई" के जाँच के अनुसार "सीबीआई" ने " श्री रवि श्रीवास्तव और अशोक सिंह "की   सिकायत को सही करार दिया था इसका मतलब हुवा की घोटाला हुवा था ... मग़र जब सिकायत सही थी तो आखिर नौकरी क्यों गई ? "

               " नौकरी से क्यों और कैसे हटाया सच्चाई के इस पुजारी को |"

                           " विजाग में २८-०४-०८ को " आल इंडिया सेंट्रल एक्सेकटिव " की मीटिंग हुई थी, और हैरानी की बात तो ये थी की जिस सख्श ने "hpcl " को २ साल पहले छोड़ दिया था उसीको डायरेक्ट प्रमोशन देते हुवे " HLNCOL " के सीईओ के रूप में घोषित किया गया था , और वो सख्श का नाम था "संजय ग्रोवर" और इस बात का विरोध श्री रवि श्रीवास्तव और अशोक सिंह ने किया था ...यही पुराणी बातों को लेकर इन सच्चाई के पुजारीयों को निकाला गया था नौकरी से |"

         " क्या HPCL का ये कदम सही था ? क्या अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाकर रवि श्रीवस्तव ने कोई गुनाह किया था ? "
         " दोस्तों , आज भी देश को ऐसे सच्चे और इमानदार "रवि श्रीवास्तव" की जरूरत है वर्ना इस देश को भ्रस्टाचार
नामक दानव खा जायेगा |

  plz visit here for RAVI SRIVASTAV 'S interview  on T.V :

                     http://www.youtube.com/watch?v=EVgyG3Cq0m4&feature=player_embedded

आओ हम सब भारतीय सच्चाई के इस पुजारी का साथ दे
   
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Friday, October 15, 2010

सोनिया गाँधी की सभा के लिए हो रही है पठानी वसूली |"

      * कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी की सभा के लिए हो रही है पठानी वसूली |

      * महाराष्ट्र  के नागपुर में आयोजित एक पत्रकार परिषद् में बात करते दो कांग्रेसी नेता पकडे गए कैमरा में |"

      * मुख्यमंत्री के पास से २ करोड़ और मंत्री दल के पास से १० - १० लाख |

     * महाराष्ट्र के वर्धा में  १५तारीख , को आयोजित सोनिया की सभा के लिए लिए जा रहे है रुपये |

                                           "  चलो सेवाग्राम मंत्र तले वर्धा में आयोजित सोनिया की सभा को सफल बनाने के लिए हो रही है ये वसूली इस बात का जिक्र महाराष्ट्र के दो दिग्गज नेता जब आपस में बातों में तल्लीन थे तब वो भूल गए थे  की पत्रकारों को दिए गए माइक चालू है और वो सब उनकी बातचित सुन रहे है , और कर रहे है कैमरा में कैद  |"
                                     " कांग्रेस प्रदेसअध्यक्ष माणिकराव ठाकरे और पूर्व मंत्री सतीश चतुर्वेदी की बात हो रही थी की ११ कैबिनेट मंत्रीयों से  पहले ३० - ३० लाख रुपये लेनेवाले थे मग़र मंत्रीयों ने मना करने पर १० लाख तय हुवे है और मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण देंगे २ करोड़ रुपये उनकी ये बातचीत साफ़ तौर से विडियो में हो रही थी कैद और सब सुन रहे थे इन भ्रष्ट नेताओं का एक और खेल |"
                                      " ये वसूली हो रही थी सिर्फ और सिर्फ सोनिया गाँधी की सभा को कामयाब बनाने के लिए जहाँ १ करोड़ ५० लाख रुपये के कांग्रेस के झंडे लहरानेवाले है और इन झंडों का आर्डर भी दे दिया गया है  और बन भी गए है | "

                                 " क्या कोई इन नेताओं को पूछेगा की आप के पास इतने रुपये आये कहाँ से जबकि चुनाव के वक़्त आप अपनी प्रोपर्टी कम दिखा कर गरीब बन जाते हो और चुनाव के बाद ...... ? या फिर कांग्रेस पैसे दे कर सोनिया की सभा में लोगों को लानेवाली थी ?   "

            
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Thursday, October 7, 2010

राहुल गाँधी याने .. सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली |

               " संघ परिवार को कौन नहीं जानता ? ..ये वो परिवार है जिसे..कुर्सी या सत्ता की लालच नहीं मग़र शायद राहुल गाँधी को ये बात पता नहीं है ...अरे भाई कोई तो समजाव इस " युवराज " को ..|"
               " आम आदमी को महेंगाई की चक्की में पिसती हुई सरकार के " युवराज " को शायद पहले अपनी सरकार के भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ कोई कार्यवाही करनी चाहिए ..क्यों की इसी में जनता की भलाई है .ये बात राहुल न भूले तो अच्छा होगा ... शरद पवार जैसे हरामी नेता को सर पे चढ़ाकर बैठानेवाले और शरद पवार से डरने वाली कांग्रेस की सरकार को पहले ये सोचना चाहिए की जनता की भलाई किस्मे है ? आम आदमी को पिशने में है या फिर पवार जैसे कमीने "महेंगाई के जन्मदाता नेता" की रक्षा करने में |"
               " राहुल बाबा शायद आप " युवराज " बनने के काबिल नहीं ..ये तो हमारा नसीब ख़राब है की आपको मिडिया ने " युवराज " बना दिया, क्यों की " युवराज " कभी बिना सोचे बोलता नहीं सायद आप भारत की संस्कृति को नहीं समज sake है वर्ना ऐसी घटिया बात नहीं करते की " सिम्मी और आरएसएस में कोई फर्क नहीं " |"
               " और कितने विवाद देंगी आपकी निकम्मी सरकार और क्या दिया है कांग्रेस की सरकार ने.. बड़ी उम्मीद थी हमे कांग्रेस सरकार से मग़र आपने तो ..

* महेंगाई 
* भ्रस्टाचार 
* वन्देमातरम विवाद 
* भगवे रंग का विवाद 
* तेलंगाना 
* गेहूं से भरे सड़ते हुवे गोदाम 
 "आम आदमी" ये ख़िताब जनता को
* शरद पवार जैसा निकम्मा नेता जो भ्रस्टाचार के ढेर पे खड़ा है 
* सुरेश कलमाड़ी - भ्रस्टाचार का लम्बी रेस का घोडा 
     
                 " ऐसा तो बहुत कुछ है .. ये वही आम आदमी है जिनके पास आप जैसे " युवराज " भीख मांगने आते है ये याद रखना और हो सके तो भारत की संस्कृति का अध्ययन करो तो अच्छा रहेगा |"
                 " क्या कभी कोई जगह  "आर एस एस "ने देश की सेवा करने में कसर रखी है ? आपके दादा जवाहरलाल नेहरु जी की किताबे पड़ी हो तो महेरबानी करके  उसे पड़ लीजियेगा आपको पता चल जायेगा की संघ परिवार क्या है ? "
                 " जो खुद सीसे  के मकान में रहते है ,वो दूसरों के मकान पर पथ्हर फेंका नहीं करते ..पहले अपनी सरकार के शरद पवार , कलमाड़ी जैसे भ्रष्ट  नेता के खिलाफ कोई कार्यवाही करो ..इन हरामी को अपने पीछे  मत छुपाओ और इनकी सच्चाई जनता के सामने लाओ |"

                " भारतवासीयों का दिल बहुत ही बड़ा है , अयोध्या में राम जीते या रहीम, कोई फर्क नहीं पड़ता क्यों की जीत इंसानियत की हुई है ...कोर्ट का फैसला चाहे कुछ भी आया हो फिर भी मिलजुलकर रहती है इस देश की जनता ..ये है हमारे देश की संस्कृति ... आतंकी को सजा न देनेवाली आपकी सरकार हमारे सर पर " कसाब " जैसे आतंकी को बिठाती है उसका क्या ? ..क्या वो आपकी सरकार का महेमान है या फिर इस देश की जनता का ?..उसकी फाइल क्यों गोल गोल घूम रही है ..जरा उस फाइल को आराम से खोलना " युवराज " ,क्यों की उस फाइल में दबी उन मासूमों की चीखे ...उन चीखो को और दर्द न हो ..ये चीखे न हिन्दू की है ....न मुसलमान की चीखे है ... ये चीखे है तो मेरे प्यारे भारतवासीयों की है ...|"
                " इतना करना " युवराज " फिर तुम्हे पता चलेगा की " संघ " की भावना क्या होती है और भारत की संस्कृति क्या होती है ?  "
                " एक बात याद रखना, जनता ..ये आम आदमी ..बेवकूफ नहीं है ..ये जनता अच्छे अच्छे बड़े "युवराज " को आम आदमी बना भी सकती है |"
                 " सिम्मी और संघ परिवार के विचारधारा में बहुत फर्क है राहुल बाबा ..कभी गौर करना और आराम से सोचना ..और हाँ ...तुम युवराज हो तो जरा "युवराज" का क्या फर्ज होता है वो भी हो सके तो जानो .." युवराज का फर्ज होता है जनता का दर्द जानकर जनता की मदद करना ..न ही भ्रष्ट मंत्रीयों को बचाना |"


                     
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Saturday, October 2, 2010

गाँधीजी - आओ जाने गाँधीजी की बंद किताब की बातें { जो दुर्लभ है }

                         " गाँधीजी - आओ जाने गाँधीजी की बंद किताब की बातें { जो दुर्लभ है }"


                       " हमारे "राष्ट्रपिता गाँधीजी" को भला कौन भूल सकता है...न हम भूलेंगे उन्हें ..न विदेशी लोग भुलेंगे उन्हें |" 
                       " आइये जाने,कुछ ऐसी बातों को जिसे बहुत ही कम लोग जानते है ..|"
       * "गाँधीजी ने कुल १७ बार किया था उपवाश नामक उनके हथियार का प्रयोग जिसमे करते थे वो अनाज का त्याग | १७ बार में से १६ बार अंग्रेजों के खिलाफ और १ बार किया था प्रयोग  "भारत सरकार" के सामने वो दिन था १३ जनवरी १९४८ और ये उपवाश था "पाकिस्तान " के लिए और सरकार को चेतावनी दी थी की " पाकिस्तान " को तय किये गए मुताबिक ५५ करोड़  रुपये आज ही  के दिन में ११:५५ से पहेले दिए जाये |"

            * "गाँधीजी" को बेटी नहीं थी जिसका उन्हें अफसोश रहा था |
                                   *  " गाँधीजी" के ४ बेटे थे जिनका नाम था ," हरिलाल , मणिलाल ,रामदास ,और देवदास "और  उनके दो बेटे "रसिकलाल" और "शांतिलाल" बचपन में ही चल बसे थे |"
                
            * फिलहाल "गांधीजी" के परिवार के १३६ सदस्य है , जो अलग अलग ६ देशो में रहते है |  इन में से १२ डॉक्टर है ,१२ प्रोफेसर है ,५ इंजीनीयर है ,४ वकील है ,३ पत्रकार है,२ सायंटिस्ट और १ सी .ए है |जो रहते है अलग अलग देशो में ....दक्षिण आफ्रिका ,अमरीका ,इंग्लैंड ,ऑस्ट्रेलिया , कैनेडा |"
                                               * गांधी परिवार कभी एक साथ नहीं मिला ..मतलब की पुरे के पुरे सभ्य, ३६ साल पहले गोपाल कृष्ण गाँधी की शादी में और आखिर में मुंबई में २००८ में गाँधीजी के अस्थि विसर्जन  के वक़्त ११ सभ्य आये थे |"
            * १३६ सदस्य में से १२० सदस्य आज भी जीवित है  |"

" आओ जाने "गाँधीजी" की कुछ ऐसी बातें जो किताबों में बंद है आज भी |"

               * "गाँधीजी" की  मौत वक़्त उनका वजन था सिर्फ ४९ किलो और उनकी अंतिम क्रिया करने के ६०० किलो सुखड ,१६० किलो घी ,८० किलो धुप ,४० किलो नारियेल ,और १५ किलो  कपूर का उपयोग किया गया था |

            * गाँधीजी ने भारत की जेल में २०८९ दिन और विदेशों की जेल में २४९ दिन काटे थे |
           *  शादी के २३ साल बाद "गाँधीजी" ने " ब्रमचर्य" व्रत का पालन करना चालू किया था  |
           * राजकोट और "गाँधीजी" का रिश्ता पुराना है..आज भी यहाँ "गाँधीजी" की कई यादें छुपी है |
                   * अगर ख़त लिखनेवाला बुजुर्ग हो ..या फिर माननीय हो तो वो ख़त के आखिर में लिखता है " ढेरो आशीष "..मग़र " गाँधीजी " लिखते थे " मोहनदास का दंडवत " |"

     *  " गाँधीजी और दुनिया "
                      * १९५२ में समाचार संस्था "बी.बी.सी." ने गाँधीजी के साथ रहे चुके लोगो का शोर्ट इंटरवीऊका कार्यक्रम तैयार किया था ..जो प्रोग्राम बनाने में "बी.बी.सी." को लगे थे ३ साल ..जिसका   रेकॉर्डिंग २७ घंटे का था और जिसमे ७८  टेप इस्तेमाल की गई थी जिसकी लम्बाई २५  किलोमीटर थी और इस कार्यक्रम का एडिटिंग ९० घंटे तक चला था ..जो की एक विश्व  रिकॉर्ड है की किसी एक व्यक्ति के लिए इतना बड़ा प्रोग्राम "बी.बी.सी" ने बनाया हो |

                                       * मशहूर " फोर्ड कार " निर्माता "हेनरी फोर्ड" को "गाँधीजी" ने भेट स्वरुप दिया हुवा रेडिओ आज  भी " फोर्ड कार " की ऑफिस में मौजूद है |"

   " अरे ऐसी बाते तो बहुत ही है हमारे "बापू " की मग़र क्या करे वक़्त कम है मेरे पास फिर भी एक बात कहेता हु .."

                                  " गाँधीजी ने भारत की गरीबी देखकर ३ घंटे में धोती पहेनली थी क्यों की वे 
" बापू " थे ...और आज के नेता गरीबों की धोती से अपने कपडे सिलवाते है क्यों की ये नेता है .." बापू " नहीं |"
                            " गाँधीजी , देश तुम्हे सलाम करता है |

                            आज भी इस देश को तुम्हारी जरूरत है |"  

                    अगर आप सच्चे भारतवासी  है और सच्चे दिल से " गाँधीजी " को चाहते है तो यहाँ जाये ये विज्ञापण आज भी नंबर १ है तो सिर्फ गाँधीजी की वजह से देखो विदेशी कितने चाहते है हमारे " बापू " को ..महेरबानी करके ये देखना जरूर ..आपकी आँख भी अस्कों से भर जाएगी ......

                    http://www.youtube.com/watch?v=EUsbjaMIsdQ

                   फिर आप भी कहोगे की " बापु " ध ग्रेट 


नोट : इस पोस्ट की कुछ बाते गुजरात समाचार से ली गई है |
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Thursday, September 30, 2010

१५२८ से ३० सप्टेबर २०१० का इतिहास - बाबरी मस्जिद,रामजन्म भूमि |

          राम जन्मभूमि,बाबरी मस्जिद का सच तारीखों के साथ आखिर क्या हुवा था वहां ?
"राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद" भारत के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण फैसला होनेवाला है |"
                                                   आइये जाने इसका सच |"
                             * १३० x ९० फीट की जमीं के लिए है ये विवाद |
* १५२८ की साल में मुग़ल सम्राट बाबर ने बनायीं थी मस्जिद, जिसे हिन्दू  राम जन्म भूमि मानते 
   है और मंदिर से पहले वहां था मंदिर ऐसा हिन्दूओं का दावा है|"

* १८५३ में वहां हुवा था पहली बार कौमवाद |

* १८५९ में अंग्रेजों ने खड़ी की एक दीवाल और कहा की अंदर मुस्लिम लोग इबादत करेंगे और बहार
   हिन्दू लोग प्राथना और रख दी नीव  हिन्दू और मुस्लिमभाईयोँ के बिच कोमवाद की |

* १८८५ में संत रघुविरदास ने कुछ हिस्सों पर बांधकाम करने के लिए मांगी परमिसन पर फैजाबाद 
  जिल्ला कोर्ट ने किया मना |

* १९४९ में विवादित स्थल पर याने मस्जिद के अंदर मूर्ति देखने मिली ..जिसका मुस्लिमभाईयोँ  ने 
   विरोध किया था आखिरकार कोर्ट ने वहां पर ताला मार दिया था |

* १९५० जनवरी १८ के दिन गोपाल सिंह ने रामजन्म भूमि पर मूर्ति पूजा करने का हक़ है ऐसा कहते 
   केस दाखिल किया और ये था वो पहेला केस |

* १९५० अप्रैल २४ के दिन "उतरप्रदेश" सरकार ने " इनजकसन आर्डर "के सामने अपील की |

* १९५० रामचंद्र परम हंस ने किया दूसरा केस ..मग़र उन्होंने बाद में वापिस खिंच लिया   |

* १९५९ में " निर्मोही अखाडा " ने किया तीसरा केस |

* १९६१ दिसम्बर १८ के दिन " उ.प सुन्नी सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ वक्कफ़ " ने मस्जिद और उसके इर्दगिर्द की 
   जमीं के लिए कोर्ट से मांगी सहायता उनका कहेना था की ये हमारी है |"

* १९८६ में जिल्ला न्यायाधीश ने हरिशंकर दुबे की अर्जी पर गौर करते हुवे मस्जिद के दरवाजे 
   दर्शन के लिए खोल दिए |"

* १९८९ में भगवान राम के नाम से विश्व हिन्दू परिषद् के " पूर्व उपप्रमुख देवकी नंदन अग्रवाल " 
   अलाहाबाद लखनऊ बेंच के सामने दाखिल किया एक और केस |

* १९८९ अक्टूबर २३ के दिन फैजाबाद कोर्ट में पड़े बिना सुनवाई के केसों को किया हाई कोर्ट में 
   ट्रांसफर |

* १९८९ विश्व हिन्दू परिषद् ने राम मंदिर के लिए किया मुहूर्त... विवादस्पद जमीं के पास  |" 

* १९९० में विश्व हिन्दू परिषद् के स्वयं सेवकों ने मस्जिद के कुछ हिस्सों को पहुँचाया नुक्सान ,
   प्रंतप्रधान चन्द्रशेखर के द्वारा इस विवाद को सुल्जाने के प्रयाश किये गए मग़र नाकामयाब रहे |

* १९९२ दिसम्बर ६ के दिन विवादास्पद मस्जिद को तोड़ गिराया भारतीय जनता पार्टी ,शिवसेना ,
   और विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्त्ताओ के द्वारा |

* १९९२ दिसम्बर १६ के दिन इस घटना की जांच करने के लिए " लिबरहान पंच " की नियुक्ति की |

* २००२ में हाई कोर्ट ने " आर्कियोलोजी सर्वे ऑफ़ इंडिया " को ये कहकर आदेश दिए की "क्या मस्जिद 
   के नीचे पहले मंदिर था या नहीं ?  "

* २००३ जनवरी में " आर्कियोलोजी सर्वे ऑफ़ इंडिया" हाईकोर्ट के हुक्म का अमल करते हुवे विवादित 
   मस्जिद स्थल पर खोदकाम चालू किया |"

* २००३ अगस्त में मस्जिद के नीचे मंदिर था ऐसा सर्वे में पता चला |

* २००९ जून में " लिबरहान पंच " ने अपनी रिपोर्ट दी |

* २०१० जुलाई २६ के दिन लखनऊ हाईकोर्ट बेंच ने कहा ..२४ सप्टेबर को होगा फैसला  |

* २०१० सप्टेबर २३ के दिन हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ त्रिपाठी सुप्रीम कोर्ट में गए |

* २०१० सप्टेबर २८ के दिन सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपाठी की अर्जी ठुकरा दी |

* २०१० सप्टेबर ३० के दिन अलाहाबाद हाईकोर्ट ३:३० मिनिट पर देगी फैसला ..भारत के इतिहास 
   का सबसे महत्वपूर्ण फैसला ... 

    क्या होगा ३० - ३ : ३० का नया  इतिहास ?

फैसला चाहे जो भी हो ...शांतिपूर्वक हम इस फैसले का स्वागत करे और याद रखो हमे किसी के खून से इतिहास नहीं लिखना है ,हमे हमारी कानून व्यवस्था



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